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अलवर गैंगरेप केस: सामने आई पुलिस की लापरवाही, SP समेत दो अफसरों पर गाज, 4 आरोपी गिरफ्तार

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अलवर गैंगरेप केस: सामने आई पुलिस की लापरवाही, SP समेत दो अफसरों पर गाज, 4 आरोपी गिरफ्तार

राजस्थान के अलवर जिले के थानागाजी थाना क्षेत्र में एक महिला के साथ पांच आरोपियों द्वारा पति के सामने सामूहिक दुष्कर्म कर उसका वीडियो वायरल करने के मामले में मुकदमा दर्ज करने के लिये पुलिस ने पति को चुनाव प्रक्रिया खत्म होने का इंतजार करने को कहा था। पीड़िता के पति ने इस संबंध में पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को आरोपियों के खिलाफ कार्यवाही करने की कई बार प्रार्थना की, लेकिन उसे नजरअंदाज कर दिया गया। उसी दौरान आरोपियों ने व्हाट्सएप पर वीडियो वायरल कर दिया।

हालांकि मंगलवार को मामला उजागर होने के बाद जब भाजपा समेत विपक्षी दलों ने सरकार की आलोचना की तो पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को दबोचा। बुधवार को अलवर पुलिस अधीक्षक राजीव पचार को हटा कर एपीओ (पद स्थापन की प्रतीक्षा में) किया गया और थानाधिकारी को निलंबित कर चार पुलिस कर्मियों को पुलिस लाईन भेजा गया।

26 अप्रैल को आरोपियों ने थानागाजी-अलवर रोड पर मोटर साइकिल पर जा रहे दंपति को रोका और पति की पिटाई कर दी। उन्होंने दंपति के कपड़े उतरवाकर पति के सामने महिला का दुष्कर्म किया। एक आरोपी ने इसका वीडियो बनाया। पीड़िता के पति ने पीटीआई-भाषा को बताया कि घटना 26 अप्रैल को घटित हुई। घटना लगभग तीन घंटें चली। प्रारंभ में हम चुप रहे, लेकिन जब आरोपियों ने वीडियों को वायरल नहीं करने के लिये मुझसे धन की मांग की तो मैं पुलिस अधीक्षक के कार्यालय गया और उन्हें इस बारे में शिकायत दी।

पुलिस अधीक्षक ने मुझे थानागाजी थानाधिकारी के पास भेज दिया जहां थानाधिकारी ने मेरी शिकायत ले ली, लेकिन एफआईआर दर्ज नहीं की। उन्होंने बताया कि थानाधिकारी उन्हें उसी दिन घटनास्थल ले गये और उन्हें बाद में आने को कहा। उन्होंने बताया कि अगले दिन जब मैं थानाधिकारी से मिला तो उन्होंने कहा कि पुलिस कर्मी चुनाव में व्यस्त है। जब मैं पुलिस अधीक्षक से मिला तो उन्होंने भी चुनाव की व्यस्तता की बात कहते हुए मुझे चुनाव खत्म होने तक का इंतजार करने को कहा। दो मई को एफआईआर दर्ज की गई।

पीड़ित पति ने आरोप लगाया कि आरोपियों में से एक आरोपी ने 30 अप्रैल को उसे फोन करके धन की मांग की थी। आरोपी ने कहा कि यदि धन नहीं दिया गया तो वे व्हाट्सएप पर दुष्कर्म का वीडियो वायरल कर देंगे। मेरे छोटे भाई ने इस बारे में पुलिस अधीक्षक को बताया, लेकिन कुछ नहीं और और 4 मई को वीडियो वायरल कर दिया गया। उन्होंने कहा, “हमें 26 अप्रैल को दुःस्वप्न का सामना करना पड़ा। जब वीडियो स्थानीय लोगों के बीच वायरल हुआ तो हमारी गरिमा पूरी तरह तार-तार हो गई। जब मैंने पुलिस को यह बताया तो उनकी प्रतिक्रिया भी निराशाजनक थी।”

उन्होंने बताया कि स्थानीय लोगो ने वीडियो देखकर घटना के बारे में बातें करना शुरू कर दिया। यह हमारे परिवार के लिये एक और दुःस्वप्न था। पीड़ित ने दावा किया कि उसने आरोपियों के मोबाइल नम्बर की जानकारी पुलिस को दे दी थी, लेकिन पुलिस ने कार्यवाही करने में यह कह कर देरी कर दी वो चुनाव प्रक्रिया में व्यस्त है। जब मंगलवार को मामला प्रकाश में आया, जब इस मामलें में कांग्रेस सरकार की भाजपा सहित अन्य विपक्षी पार्टियों ने कडी आलोचना की तब पुलिस ने कार्रवाई कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

बुधवार को अलवर पुलिस अधीक्षक राजीव पचार को हटा कर एपीओ किया गया और थानाधिकारी को निलंबित कर चार पुलिस कर्मियों को पुलिस लाईन भेजा गया। घटना में शामिल चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इंद्रराज गुर्जर, और कैलाश गुर्जर दुष्कर्म के आरोपी है, जबकि तीसरे आरोपी मुकेश गुर्जर ने वीडियो बनाकर इसे सोशल मीडिया पर वायरल किया है। आरोपी मुकेश गुर्जर को आईटी एक्ट के तहत गिरफ्तार किया गया है। आरोपी इंद्रराज और कैलाश को मंगलवार रात गिरफ्तार किया गया, जबकि मुकेश को बुधवार को गिरफ्तार किया गया। बुधवार रात चौथे आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पहचान महेश गुर्जर के रूप में की गई है। आरोपी ने महिला के साथ कथित तौर पर दुष्कर्म किया था।

इस बीच राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने बुधवार को राज्य सरकार को नोटिस जारी कर इस मामले में छह सप्ताह में रिपोर्ट मांगी है। मीडिया रिपोर्टस पर प्रसंज्ञान लेते हुए आयोग ने राज्य के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक को नोटिस जारी किया है। उधर, विपक्षी भाजपा ने सरकार पर चुनाव के दौरान राजनीतिक कारणों से जानबूझकर मामले को छुपाने का आरोप लगाया है जिसे सत्तारूढ़ कांग्रेस ने खारिज कर दिया है और कहा है कि आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन लाल सैनी ने कहा कि ”यह एक बहुत ही गंभीर और शर्मनाक घटना है। चुनाव के दौरान राजनीतिक कारणों से सरकार ने इसे छिपाए रखा। पार्टी गुरुवार को सभी जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन करेगी।” भाजपा के राज्यसभा सांसद किरोडी लाल मीणा ने मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग की है और मामलें की सीबीआई से जांच कराने भी मांग की है। मीणा ने अपनी मांगों को लेकर राष्ट्रपति को एक पत्र लिखा है।